कैसे लोकसभा में महिला आरक्षण के आंकड़ों में हार गई सरकार, जानिए- पीएम मोदी के चाणक्य भी फेल हुए

सरकार की तरफ से जो बैटिंग की जा रही थी, उससे साफ था कि इस बिल को पास कराने की कमान खुद गृह मंत्री अमित शाह ने ले रखी थी. कल लोकसभा में पीएम मोदी ने अखिलेश यादव को अपना मित्र भी बताया.
Women Reservation Bill: बीते दो दिनों से लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर जमकर बहसबाजी हुई. सरकार की पूरी कोशिश थी कि किसी भी तरह से इन बिलों को पास करा लिया जाए, लेकिन विपक्ष अड़ा रहा और आखिरकार सरकार को हार का सामना करना पड़ा.
सरकार की तरफ से जो बैटिंग की जा रही थी, उससे साफ था कि इस बिल को पास कराने की कमान खुद गृह मंत्री अमित शाह ने ले रखी थी. कल लोकसभा में पीएम मोदी ने अखिलेश यादव को अपना मित्र भी बताया. आज भी अमित शाह अखिलेश को मनाने की तरफ इशारा कर रहे थे, लेकिन सरकार अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद इन बिलों को पास नहीं करा पाई.
दरअसल, विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा और इसका असर साफ दिखा. सभी मुख्य विपक्षी दलों ने इन बिलों का न सिर्फ फ्लोर पर विरोध किया, बल्कि वोटिंग के दौरान भी विरोध किया. इस मतदान में कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 मत पड़े. हालांकि, सरकार को इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, यानी 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सरकार इसे पूरा नहीं कर पाई.




